धनतेरस 2025 पर जानिए इस सुबह पर्व का महत्त्व , पूजा का सही मुहूर्त , परम्पराओ और इससे जुडी पौराणिक कथाए | जाने क्यों इस दिन सोना चांदी खरीदना सुबह माना जाता है और कैसे करे लक्ष्मी कुबेर पूजा
धनतेरस 2025 : धन , समृद्धि और सुबह शुरुवात का पर्व
धनतेरस , जिसे धत्रयोदशी भी कहा जाता है दीपावली के पांच दिवशीय उत्सव की सुरुवात का प्रतिक है दिन धन सौभाग्य और समृद्धि का प्रतिक माना जाता है वर्ष 2025 में धनतेरस 20 अक्टूम्बर ( सोमवार ) को मनाई जाएगी इस दिन लोग सोना चांदी बरतन और नई वस्तुए खरीदते है क्योकि ऐसा करना शुभ और लाभदायक मनाया जाता है
धनतेरस 2025 का महत्त्व
धनतेरस शब्द दो संस्कृत शब्दो से मिलकर बना है धन जिसका अर्थ है सम्पति और तेरस जिसका अर्थ है तेरहवा दिन | यह पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है
पौराणिक कथाओ के अनुसार ऐसी दिन देवी लक्ष्मी जी समुद्र जी मंथन के दौरान प्रकट हुई थी इसीलिए इस दिन उनकी पूजा करके घर में सुख समृद्धि की कामना की जाती है
एक अन्य कथा के अनुसार , इस दिन भगवान धन्वतरि , जो देवताओ के वेध और आयुर्वेद के जनक मने जाते है अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे ऐसी कारण धनतेरस को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवश के रूप में भी मनाया जाता है

धनतेरष 2025 पर की जाने वाली परम्पराये और पूजा विधि
- सोना चांदी और बर्तन खरीदना :
इस दिन सोना चांदी या बर्तन खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है यह आने वाले वर्ष में धन और समृद्धि का प्रतिक है - लक्ष्मी और कुबेर पूजा :
शाम को लक्ष्मी पूजन किया जाता है और भगवान कुबेर की भी आराधना की जाती है ऐसा माना जाता है की इससे घर , सौभाग्य और शांति का वाश होता है - दीपदान :
शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाये जाते ताकि नकारात्मक ऊर्जा दूर हो और माँ लक्ष्मी का स्वागत हो सके - रंगोली और सजावट :
घर के प्रवेश द्वार पर रंगोली बनाई जाती है और लक्ष्मी जी के चरणों के निशान हल्दी और आते से बनाये जाते है जो लक्ष्मी के आगमन का प्रतिक है - भगवान धन्वंतरि की पूजा :
इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा कर अचे स्वस्थ और दीर्घायु की कामना की जाती है बहुत लोग जरुरतमंदो को दवाइया वस्त्र और भोजन का दान करते है |
धनतेरस पूजा मुहूर्त 2025
- तिथि : 20 अक्टूम्बर 2025 ( सोमवार )
- धनतेरस पूजा मुहूर्त : शाम 6:55 बजे से 8:15 बजे तक ( लगभग )
- प्रदोष काल : शाम 6:40 बजे से 8:50 बजे तक
इन मुहूरतो में पूजा करने से अधिकतम शुभ फल प्राप्त होता है
धनतेरस पर क्या ख़रीदे ?
- सोना या चांदी के सिक्के
- चांदी के बरतन
- इलेक्ट्रॉनिक आइटम या वाहन
- झाड़ू ( धन और सफाई का प्रतिक )
- देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की मूर्ति
धनतेरस केवल खरीदी का दिन नहीं है बल्कि यह धन , स्वस्थ और सौभाग्य का उत्सव है यह हमें सिखाता है की सच्ची समृद्धि केवल धन में नहीं बल्कि अचे कर्मो स्वस्थ सरीर और सका रात्मक सोच में निहित है
इस धनतेरस पर अपने घर को रौशनी से जगमगाये और दिल को शुभ भावनाओ से भर दीजिये आपको और आपके परिवार को धनतेरस 2025 की हार्दिक सुभकामनाये
आधुनिक युग में धनतेरस सिर्फ खरीदी का त्यौहार नहीं , बल्कि नए आरभ और सकारात्मक का प्रतिक बन चूका है
लोग अपने परिवार के साथ इस दिन दिन जलाये जाते है स्वस्थ का दयँ रखते है और जरुरतमंदो की मदद करते है
धनतेरस के समय मौसम में परिवर्तन सुरु होता है मानसून के बाद का यह काल संक्रमण और बीमारियों का होता है इसलिए प्राचीन कॉल में लोग आयुर्वेदिक और सफाई का विशेष दयँ रखते थे यह स्वस्थ में और स्वचछता का प्रतिक है |
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